हिमाचल हाई कोर्ट सख्त: न्यायाधीशों की सुरक्षा पर मांगा जवाब, अदालत परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
Himachal High Court gets tough
शिमला। Himachal High Court gets tough, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य में हथियारबंद गुंडों द्वारा राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। प्रदेश हाई कोर्ट सहित जिला न्यायालयों में कार्यरत न्यायाधीशों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार को हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बी सी नेगी की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट जजों को उनके आवास पर हथियारबंद गार्ड के जरिए सुरक्षा दी गई है।
जाहिर है कि हर हाईकोर्ट जज के साथ सिर्फ़ दो पीएसओ दिए गए हैं, जो रात में उनके साथ ड्यूटी पर नहीं होते। ऐसी ही स्थिति अधीनस्थ न्यायिक अधिकारियों की है। इसलिए कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के पुलिस उप महानिरीक्षक को आदेश दिए कि वह सभी संबंधित पुलिस अधीक्षकों से रिपोर्ट लेने के बाद एक संयुक्त हलफनामा दाखिल करे।
सुरक्षा परिसर की स्थित पर सवाल
कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि अधीनस्थ न्यायालय परिसरों में स्थायी कोर्ट सुरक्षा परिसर बनाने का काम हुआ है या नहीं, और सभी ज़िला कोर्ट परिसरों में कितने सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।
हमीरपुर कोर्ट परिसर में सुरक्षा चूक
कोर्ट ने यह जनहित याचिका हमीरपुर में कोर्ट परिसर में सुरक्षा चूक के कारण दायर की है। हमीरपुर जिला के ज़िला और सत्र न्यायाधीश से मिली रिपोर्ट के अनुसार 25.05.2026 को एक व्यक्ति लोडेड हथियार के साथ कोर्ट परिसर में घुसा और लोडेड बंदूक का लॉक खोलकर वकीलों और जजों को जान से मारने की धमकी दी। आखिरकार, एक पुलिस उपाधीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारियों ने उसे काबू में किया और गिरफ्तार किया, जो वहां कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होने आए थे।
आठ कोर्ट परिसर में केवल दो सुरक्षा कर्मी
पत्र में कहा गया है कि कोर्ट परिसर में आठ कोर्ट चल रहे हैं और इस कोर्ट के मौजूदा निर्देशों के बावजूद सुरक्षा के लिए केवल एक महिला पुलिस अधिकारी और एक होम गार्ड को तैनात किया गया था। पत्र में 29.04.2026 को हुई ज़िला कोर्ट प्रबंधन प्रणाली की बैठक के मिनट्स का भी ज़िक्र किया गया है, जिसमें आश्वासन के बावजूद, पुलिस अधिकारियों द्वारा न्यायिक कोर्ट परिसर में पुलिस कर्मियों को तैनात करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया और पुलिस अधीक्षक को तलब किया गया था।
सेशन जजों और एसपी से मांगी रिपोर्ट
कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के सभी ज़िला और सेशन जजों और संबंधित पुलिस अधीक्षकों से एक रिपोर्ट मांगी है कि क्या वे न्यायिक परिसरों में कोई सुरक्षा दे रहे हैं और क्या उन ज़िला और सेशन जजों के घरों पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं जो संवेदनशील मामलों की सुनवाई कर रहे हैं, जिनमें कभी-कभी मौत की सज़ा भी सुनाई जाती है। मामले पर सुनवाई 23 जुलाई को निर्धारित की गई है।